फिर कल सुबह होगी। ए पिया चल अब सो जाते हैं

फिर कल सुबह होगी।

ए पिया चल अब सो जाते हैं ,
फिर कल सुबह होगी ,
बच्चे रोएंगे,
 खाना मांगेंगे तब खाने के बारे में सोचेंगे,
ए पिया अब सो जाते हैं ,
आधी रात हो चुकी है,
सोचने से रोजगार नहीं मिलेगा ,
कुछ वक्त चंद लम्हे हमें भूख की याद नहीं आएगी,
 ए पिया अब हम सो जाते हैं ,
बच्चे सो गए अब हम दोनों सो जाते हैं,
 सुबह होगी तब फिर सुबह सोचेंगे ,
महीनों से बच्चे भरपेट खाना नहीं खाए हैं,
 महीनों से हम दोनों दोनों वक्त रोटी नहीं खाए हैं ,
ए पिया चलो अब सो जाते हैं ,
हमारी न सरकार है, हमारा न भगवान है,
 इसमें सृष्टि का रचयिता ने क्यों हमारे साथ ऐसा गुनाह किया,
 एक पिया चल अब सो जाते हैं ,
आधी रात हो चुकी है
चंद घंटों में फिर सुबह हो जाएगी
अभी सो जाते हैं सुबह होगी तब तुम सोचना
कहां से खाना लाओगे कहां से बच्चे खाएंगे
कैसे दिन कटेंगे एक ए पिया अब सो जाओ
यह हमारी तुम्हारी बात नहीं
हजारों लाखों लोग इस रोड के किनारे सोए हैं
लेकिन कुछ के आंखों में नींद नहीं है
 लेकिन कुछ तो सुकून की नींद सो रहे हैं
तुम उन्हीं की तरह सुकून की नींद में सो जाओ
ए पिया अब हम सो जाएं ए पिया अब हम सो जाएं
 कल की बात है कल सोचेंगे
बच्चे भी तो अपने हैं
 बच्चे भी मजबूरियां जानते हैं ,
ए पिया इतनी चिंता न करो ,
मैं भी तुम्हारे साथ हूं ए पिया अब सो जाओओ।

टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें

लोकप्रिय पोस्ट