माँ

 माँ पर लिखने के लिए मेरे पास शब्द नहीं

माँ नहीं तो मेरा अस्तित्व हीं नहीँ
माँ नहीं तो सृष्टि नहीं
माँ नहीं तो कुछ सम्भव नहीं
माँ के बारे में क्या लिखूं
माँ नहीं तो कुछ भी नहीं
मेरी पहली .....माँ
मेरी पहली अध्यापिक माँ
मेरी पहली दोस्त माँ
मेरी पहली दुनिया माँ
मै तेरे बारे में क्या लिखूं माँ
मेरी पहली बार रोने पर माँ ने मुस्कुराया था
माँ को देख जब मै पहली बार मुस्कुराया था
माँ के आँचल में ही
वो सुख की नींद सोया था
सिने से लिपट कर जब पहली बार रोया था
कैसे तुम्हें बताऊं माँ
तू नहीं तो कुछ भी नही इस जग में
सब सुना सुना है माँ ।

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