तेरा हिज़्र

 तेरे हिज़्र में मैं पागल न हो जाऊं,

तेरा इश्क़ है मुझ पे बेहताश परवान चढ़ा हुआ,

तेरे हिज़्र मेरा बदनसीब है,

तेरी चाहत ही मेरी हयात है,

तुम दूर हो लेकिन कोई ग़म नहीं,

तू कहीं भी रहे तू मेरे साथ है,
...क्रमश

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