हिन्दी साहित्य, कविता और आलोचना
आज वो पुरानी बातें फिर याद आयी,
तू यहीं है मेरे पास हवाएं हमें याद दिलायी,
तुम हो यहीं कहीं मेरे पास कई वर्षों से,
उस गुलमोहर को देख फ़िर तेरी याद आयी,
महसूस किया उस चौराहे पर हो अभी-अभी
जिस चौराहे से गुजरे जमाने होने का आयी।
....क्रमशः
Mast ,ancul
Mast ,ancul
जवाब देंहटाएं